खास खबरदेश

मोदी सरकार को क्लीन चिट, 2002 गुजरात दंगों में

गुजरात विधानसभा में नानावटी-मेहता आयोग रिपोर्ट पेश कर दी गई है. आयोग को 2002 में हुए दंगों की जांच का जिम्‍मा सौंपा गया था. रिपोर्ट में तत्‍कालीन नरेंद्र मोदी सरकार को क्‍लीन चिट दी गई है. आयोग ने कहा है कि गोधरा में ट्रेन अग्निकांड के बाद भड़के दंगे संगठित नहीं थे.

नानावटी-मेहता आयोग ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि प्रशासन ने दंगे काबू में करने की हरसंभव कोशिश की.

साल 2002 में हुए दंगों की जांच के लिए तत्कालीन राज्य सरकार ने जांच के लिए नानावटी-मेहता आयोग का गठन किया था. सितंबर 2008 में आयोग ने गोधरा ट्रेन अग्निकांड पर रिपोर्ट का हिस्‍सा सौंपा. साल 2012 में रिटायर्ड जस्टिस जी.टी. नानावटी और अक्षय मेहता ने इन दंगों की रिपोर्ट तत्कालीन सीएम आनंदीबेन पटेल को सौंपी थी.

पूर्व आईपीएस अधिकारी आर बी श्रीकुमार ने गुजरात हाई कोर्ट में याचिका लगाकर रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की मांग की थी. श्रीकुमार गुजरात के पूर्व पुलिस महानिदेशक रह चुके हैं.

गौरतलब है कि गुजरात दंगों में हजार से भी ज्यादा लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखते थे. गुजरात दंगे तब भड़के थे, तब साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन की दो बोगियों में आग लगा दी गई थी, जिसमें करीब 60 कारसेवकों की मौत हुई थी.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button