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पत्नी-गर्लफ्रेंड को विदेशी ले जाने को लेकर बड़ा फ़ैसला, इजाजत अब ‘कोहली’ नहीं ‘गांगुली’ देंगे

अब इस दौरे पर खिलाड़ियों की पत्नी या गर्लफ्रेंड को साथ जाने का फैसला बीसीसीआई के अधिकारी करेंगे

बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को अपने पार्टनर (पत्नी या गर्लफ्रेंड) को विदेशी दौरे पर ले जाने को लेकर बड़ा फ़ैसला लिया है. बीसीसीआई ने यह फैसला किया है कि अगर कोई भी खिलाड़ी विदेशी दौरे पर अपने पार्टनर (पत्नी या गर्लफ्रेंड) को ले जाना चाहता है तो उसे पदाधिकारियों से इसकी इजाजत लेनी होगी. इससे पहले कोच और कप्तान के पास यह अधिकार था.

बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया, “किसी भी खिलाड़ी का यह अनुरोध अधिकारियों से होकर गुजरेगा. यह कोई बड़ा मसला नहीं है लेकिन इजाजत लेने के लिए यही रास्ता है.”

अब खिलाड़ियों के पास यही रास्ता तभी वो अपनी पत्नी या गर्लफ्रेंड को विदेशी दौरे पर साथ ले जा सकेंगे.
पिछले साल सीओए ने 21 मई को हुई एक बैठक में निर्णय लेते हुए कहा था, “पत्नी या गर्लफ्रेंड को विदेशी दौरे पर साथ ले जाने का अधिकार कोच और कप्तान के पास होगा और यह खिलाड़ियों के फैमिली क्लास में शामिल होगा.”

सीओए के इस फैसले से कई खिलाड़ी परेशान हो गए थे. उन्हें लगा था कि इसमें कप्तान या कोच को शामिल नहीं किया जाना चाहिए. इस मुद्दे पर काफी बहस भी हुई थी. यहां तक की सीओए ने वर्ल्ड कप 2019 के दौरान एक सीनियर खिलाड़ी को अपने परिवार को इंग्लैंड ले जाने की इजाजत नहीं दी थी.

वहीं सीओए की सदस्य डायना इडुल्जी कोच और कप्तान को यह अधिकार देने के विरोध में बोली थीं. अब उन्होंने इस बदलाव का स्वागत किया है. उन्होंने कहा, “यह मुद्दा काफी जटिल हो रहा था. इस फैसले को एडमिनिस्ट्रेटर्स के लिए छोड़ना अच्छी बात है. कप्तान और कोच को क्रिकेट पर फोकस करना चाहिए. इस तरह के मसलों को प्रशासन को ही देखना चाहिए.”

बता दें कि इस महीने के आखिर में भारतीय टीम न्यूजीलैंड दौर पर जा रही है. ऐसे में अब इस दौरे पर खिलाड़ियों की पत्नी या गर्लफ्रेंड को साथ जाने का फैसला बीसीसीआई के अधिकारी करेंगे. आमतौर पर परिवार दो या तीन सप्ताह के लिए खिलाड़ी के साथ विदेशी दौरे पर जा सकता है.

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