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भारतीय रेलवे के 100 रूट्स पर 150 निजी ट्रेनें चलाने का रास्ता साफ

रेल मंत्री पीयूष गोयल द्वारा बनाई गई एक उच्च स्तरीय समिति ने इसके लिए अपनी हरी झंडी दे दी है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल द्वारा बनाई गई एक उच्च स्तरीय समिति ने इसके लिए अपनी हरी झंडी दे दी है। यह निजी ट्रेनें मुंबई-दिल्ली और हावड़ा-दिल्ली रूट पर भी चलेंगी, जहां पर राजधानी एक्सप्रेस को टक्कर मिलेगी।

रेलवे पहले ही दो रूट पर आईआरसीटीसी को निजी तेजस एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की मंजूरी दे चुका है। इसमें से एक ट्रेन दिल्ली-लखनऊ रूट पर चल रही है और दूसरी मुंबई-अहमदाबाद रूट पर 19 जनवरी से चलेगी। रेलवे ने आईआरसीटीसी के जरिए निजी ट्रेनों का परीक्षण किया था।

रेलवे की उच्च स्तरीय समिति ने निजी ट्रेनों को चलाने की इसलिए मंजूरी दी है, क्योंकि यात्रियों की संख्या काफी ज्यादा है। अभी भी 15 फीसदी यात्रियों का टिकट वेटिंग में रह जाता है। रेलवे काफी समय से वेटिंग लिस्ट को खत्म करने का प्रयास कर रहा है। इसके अलावा निजी ट्रेनों यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। वहीं आरक्षित श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।

ट्रेन रूट्स को सात कलस्टर में बांटा गया है। इससे बड़े महानगरों में मौजूद छोटे स्टेशनों पर भी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाया जाएगा, ताकि लंबी दूरी की ट्रेनों को चलाया जा सके। जो रूट चुने गए हैं उनमें नई दिल्ली-हरिद्वार, नई दिल्ली-चंडीगढ़, नई दिल्ली-पटना, हावड़ा-चेन्नई, बांद्रा-जयपुर, ओखला-बंगलूरू, गुवाहाटी-तिलक ब्रिज, इलाहाबाद-अहमदाबाद और चेन्नई-कोयंबटूर शामिल हैं।

प्रत्येक ट्रेन में 16 कोच होंगे।
ट्रेनों के ठहराव तय कर सकेगी कंपनी
अधिकतम 15 मिनट की देरी, इसके बाद हर्जाना
160 किमी होगी अधिकतम रफ्तार
पांच साल में चलाने होगी सभी ट्रेनें
रेलवे के 68000 नेटवर्क का कर सकेंगे इस्तेमाल

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