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एक्सप्रेस-वे के घटिया निर्माण के लिए 5 अफसर दोषी, मुख्यमंत्री ने दिए कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री भूपेश ने छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम के 5 अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दे दिए

रायपुर. राजधानी रायपुर में एक्सप्रेस-वे के घटिया निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम (सीअारडीसी) के 5 अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। एक्सप्रेस-वे के निर्माण की पोल खुलने के तुरंत बाद सीअारडीसी के जीएम जीएस सोलंकी को तीन माह पहले ही हटा दिया गया था। सोमवार को शासन ने सड़क और पुल के निर्माण के लिए अफसरों के साथ-साथ कंसल्टेंट और निर्माण एजेंसी को भी जिम्मेदार बताते हुए कार्रवाई का निर्देश जारी कर दिया है। जिन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है, उनमें सीअारडीसी के डिप्टी जीएम जतिन सिंह और प्रोजेक्ट मैनेजर एसएन आर्या के साथ-साथ इस प्रोजेक्ट में लगे तीन और असिस्टेंट मैनेजर निषेश भट्‌ट, विवेक सिंहा और एस जाधव शामिल हैं।

एक्सप्रेस-वे के निर्माण में खामियों का खुलासा सात माह पहले हुअा था, जब तेलीबांधा फ्लाईओवर पर सड़क धंसने के कारण एक कार हादसे का शिकार हुई थी। इसके बाद शुरू हुई जांच में निर्माण की गंभीर खामियां सामने अाईं। जांच रिपोर्ट के साथ सीअारडीसी को शासन की ओर से भेजे गए पत्र में इस बात का उल्लेख है कि सीएम भूपेश ने इस सड़क के निर्माण के तरीके पर नाराजगी जाहिर की है। साथ ही सड़क और पुल बनाने में हुई गंभीर गड़बड़ियों के लिए अफसरों, कंसल्टेंट और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई करने के लिए कह दिया है। शासन ने सीअारडीसी से यह ब्योरा भी मांगा है कि सड़क निर्माण के दौरान और कौन-कौन से अफसर जिम्मेदार पदों पर बैठे थे। यह सूची बनाई जा रही है।

हटाए जा सकते हैं अफसर
सूत्रों के अनुसार सीअारडीसी के इन अफसरों को हटाकर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करवाई जा सकती है। यही नहीं, एक्सप्रेस-वे का निर्माण करनेवाले गुजरात के ठेकेदार आयरन ट्रेंगल लिमिटेड पर भी कार्रवाई की तैयारी है। उससे हुए अनुबंध की शर्तों का अध्ययन िकया जा रहा है। एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए भोपाल की कंपनी लायन कंसल्टेंसी को सुझाव और सलाह के लिए नियुक्त किया गया था। उसे भी कार्रवाई के दायरे में लाया जा रहा है। शासन से मिले पत्र से सीअारडीसी में हड़कंप मचा हुअा है।

अब शुरू होगा सड़क निर्माण
शासन के इस फैसले के साथ ही एक्सप्रेस-वे के जर्जर हिस्से को फिर बनाने का काम जल्द शुरू होगा। इससे पहले ही पांचों फ्लाईओवर की सड़क नीचे तक तोड़कर मलबा साफ कर दिया गया है। इस हिस्से को निर्माण एजेंसी ही बनाएगी और उसे इसके लिए किसी तरह का अतिरिक्त भुगतान भी नहीं किया जाएगा। निर्माण की देखरेख के लिए शासन ने नई कंसल्टेंट एजेंसी नियुक्त की है। उसी की देखरेख में नया निर्माण होगा।

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