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महिलाओं में बढ़ रही ओवेरियन सिस्ट की समस्या

नई दिल्ली: महिलाओ में मासिक धर्म शुरू होने के साथ ही ओवरी में सिस्ट बनाना शुरू होती है और पीरियड्स के साथ बाहर भी निकल जाती है लेकिन ये तब समस्या का कारण बन जाती है जब ये सिस्ट शरीर के बाहर न निकलती हो या जरुरत से ज्यादा सिस्ट ओवरी में बनाने लग जाए ऐसे में समस्या विकराल रूप लेने लगती है और जरुरी हो जाता है की इसका इलाज किया जाए। आजकल की भागदौड़ भरी दिनचर्या में ये समस्या महिलाओ में आम हो गयी है।

ओवरी में सिस्ट कई तरह की होती है आइये जानते है इसके बारे में और इलाज के तरीको के बारे में;

नार्मल सिस्ट :- नार्मल सिस्ट वो सिस्ट होती है जो हर महिलाओ के शरीर में पायी जाती है और समय के साथ अपने आप ही ठीक हो जाती है इससे शरीर को कोई नुकसान नहीं होता है और ये एक नार्मल प्रक्रिया होती है।

PCOS (Polycystic Ovarian Syndrome ): ये एक तरह का हार्मोनल डिसऑर्डर है जो समय के साथ बढ़ता ही जाता है इसका समय रहते इलाज जरुरी है, नहीं तो इसमें प्रजनन पर भी असर पड़ता है। इस बीमारी में ओवरी में जरुरी एग नहीं बनाते है और मासिक धर्म समय से नहीं आता है। इसका ठीक तरह से इलाज करवाने की जरुरत होती है।

एंडोमेट्रिओसिस : इस तरह की सिस्ट में ओवरी के अंदर ही ब्लीडिंग होती है जो एग के लिए भी नुकसानदायक होती है इस कारण ट्यूब भी ख़राब होने का खतरा बना रहता है जिसे ऑर्गन आपस में एक दूसरे से चिपक सकते है।

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