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ISI एजेंट की खुफिया एजेंसी से जुड़े सिम का खुलासा, पाकिस्तानी Whatsapp ग्रुप में जुड़े थे ये 56 भारतीय

हैरान करने वाली बात यह है कि इस ग्रुप में भारतीय नागरिक भी जुड़े थे

गुवाहाटी. भारत में पाकिस्तान और वहां की खुफिया एजेंसी से जुड़े कितने लोग रहते हैं इसका हाल ही में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. हाल ही में पकड़े गए एक ISI एजेंट की मोबाइल सिम से यह खुलासा हुआ है. इस ISI एजेंट को उत्तर प्रदेश के चंदौली से गिरफ्तार किया गया था. यह व्यक्ति पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का एजेंट ‘जिंदगी ना मिलेगी’ नामक वॉट्सऐप ग्रुप का मेंबर था. यह व्हाट्सएप ग्रुप पाकिस्तान के आईएसआई हैंडलर्स मैनेज करते थे. हैरान करने वाली बात यह है कि इस ग्रुप में कुल 56 भारतीय नागरिक भी जुड़े थे.

आपको बता दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर, ज्ञानवापी मस्जिद, संकटमोचन मंदिर, कैंट रेलवे स्टेशन, दशाश्वमेध घाट, मालवीय पुल, कैंट और एयरफोर्स से जुड़े विडियो और तस्वीरों को आईएसआई को भेजने के आरोप में मोहम्मद रशीद को गिरफ्तार किया गया था. 23 साल के रशीद को यूपी एंटी- टेररिस्ट स्क्वॉड ने मिलिटरी इंटेलिजेंस के साथ एक संयुक्त ऑपरेशन में गिरफ्तार किया था. इस एजेंट के कब्जे से बरामद एक सिम कार्ड की जांच की गई और यह पता चला कि वह नंबर का इस्तेमाल पाकिस्तान के आईएसआई हैंडलर्स के साथ बातचीत के लिए करता था.

बताया गया है कि फिलहाल अभी तक किसी तरह का डेटा रिकवर नहीं हो पाया है, लेकिन उस व्हाट्सएप ग्रुप में भारत के 56 मेंबर थे. यूपी के अलावा इनमें से कुछ सदस्य दूसरे राज्यों के भी थे. हमने उनकी डिटेल्स उन राज्यों की पुलिस के साथ शेयर कर दी है. यह भी बताया गया है कि रशीद शहर में बैनर लगाता था और वह ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं था. राशिद के कुछ रिश्तेदार भी उस ग्रुप के मेंबर थे जिनसे अब पूछताछ की जा रही है.

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