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जन-गण-मन यात्रा से पहले कन्हैया को पुलिस ने लिया हिरासत में

कन्हैया ने कहा, अभी तो देश में रैली करने की अनुमति लेनी पड़ रही है

चंपारण. वामपंथी नेता और जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को बिहार के चंपारण में पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. वे अपने समर्थकों के साथ भितिहरवा के गांधी स्मारक संग्रहालय के अंदर जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोका और हिरासत में ले लिया.

ट्विटर पर कन्हैया कुमार ने इसकी जानकारी साझा की है.

उन्होंने लिखा है, “आज बापू-धाम (चंपारण) में गांधीजी को नमन करके ग़रीब-विरोधी CAA-NRC-NPR के विरोध में एक महीने की जन-गण-मन यात्रा की शुरूआत होनी थी. समाज के सभी तबक़ों के लोग इस यात्रा में शामिल होने के लिए मौजूद थे, लेकिन प्रशासन ने कुछ देर पहले सबको हिरासत में ले लिया है.”

हिरासत में लिये जाने के बाद कन्हैया कुमार ने कहा, “अभी तो देश में रैली करने की अनुमति लेनी पड़ रही है जिसे सरकार ने बिना बताए कल रात कैंसिल कर दिया. आगे साँस लेने की अनुमति लेनी पड़ेगी. पुलिस कह रही हैं कि हमें हिरासत में लिया गया है. हम से तो नागरिकता साबित करने का कागज़ माँगा जा रहा है. और पुलिस हमें हिरासत में लेने का कागज़ दिखाने को तैयार नहीं है.”

बुधवार को कन्हैया कुमार ने बताया था कि ‘CAA-NRC-NPR के विरोध में वे एक महीने लंबी जन-गण-मन यात्रा करने वाले हैं जो बिहार के लगभग सभी प्रमुख शहरों से गुज़रेगी और इस दौरान क़रीब 50 सभाएँ होंगी’. कन्हैया कुमार ने नारा दिया है, “सुनलो ओ जुमला सरकार, देश की जनता करे पुकार, नहीं चलेगा CAA-NRC-NPR, हमें चाहिए शिक्षा-रोजगार”.

बीबीसी के सहयोगी पत्रकार नीरज प्रियदर्शी ने बताया है कि ‘कन्हैया कुमार की रैली में शामिल हुए लोगों ने उनकी हिरासत के विरोध में भितिहरवा के गांधी आश्रम के बाहर शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया है’. उन्होंने बताया कि ‘आश्रम के अंदर गांधी के शहादत दिवस पर एक सरकारी कार्यक्रम भी चल रहा है जिसे ज़िला प्रशासन ने आयोजित किया है’.

कन्हैया ने दावा किया है कि उन्हें ज़िला प्रशासन से अनुमति मिली थी, लेकिन पुलिस अब कह रही है कि उन्हें मिली अनुमति कल रात कैंसिल कर दी गई. बेतिया की एसपी निताशा गुड़िया ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि “बिना अनुमति के सभा करने के कारण कन्हैया को हिरासत में लिया गया है. उनकी अनुमति पहले ही रद्द की जा चुकी थी और इस बात की जानकारी भी दी गई थी. हम लोग विचार कर रहे हैं कि आगे क्या करें”.

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