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‘भारी पड़ेंगे 15 करोड़’ वाले बयान पर पठान की सफाई- ‘मैं लोगों को धर्म के आधार पर नहीं बांटता’ जानिए पूरी डिटेल

"100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे 15 करोड़" वाले बयान पर माफी मांगने से इनकार

कर्नाटक. कर्नाटक के गुलबर्ग में जनसभा को संबोधित करते हुए “100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे 15 करोड़” जैसा भड़काऊ बयान देने वाले आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता वारिस पठान ने पूरे मामले पर सफाई दी है.

“100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे 15 करोड़” वाले बयान पर माफी मांगने से इनकार कर चुके वारिस पठान शुक्रवार को कहा, ‘मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया. इसे विषय से हटकर दिखाया गया है. मैं कहना चाहता हूं कि मैं कभी भी ऐसा कुछ जाने या अनजाने में नहीं कहूंगा, जिससे किसी भी धर्म या जाति के लोगों की भावनाएं आहत हों. सीएए-एनआरसी-एनपीए के मुद्दे पर को सरकार जिस तरह से अनदेखा कर रही है, उसी को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.”

वारिस पठान ने गुरुवार को कहा था, ‘ईंट का जवाब पत्थर से देना हमने सीख लिया है, लेकिन इकट्ठा होकर चलना होगा. अगर आजादी दी नहीं जाती तो हमें छीननी पड़ेगी. वे कहते हैं कि हमने औरतों को आगे रखा है, अभी तो केवल शेरनियां बाहर निकली हैं, तो तुम्हारे पसीने छूट गए. तुम समझ सकते हो कि अगर हम सब साथ आ गए तो क्या होगा. 15 करोड़ हैं, लेकिन 100 करोड़ के ऊपर भारी हैं. ये याद रखना.’

एआईएमआईएम नेता ने कहा, ‘न तो मैं और न ही मेरी पार्टी किसी भी तरह से लोगों को धर्म और जाति के आधार नहीं बांटती है.’

वारिस पठान ने कर्नाटक के गुलबर्ग में एक जनसभा में कहा था कि 100 करोड़ पर 15 करोड़ भारी पड़ेंगे. पठान ने अपने बयान में सीधे तौर पर तो जिक्र नहीं किया, लेकिन वह हिंदू-मुस्लिम आबादी को लेकर बात कर रहे थे.

वारिस पठान के खिलाफ उनकी इस भड़काऊ टिप्पणी को लेकर पुणे में शिकायत भी दर्ज कराई गई. शिकायत दर्ज होने के बाद भी पठान ने अपने बयान पर माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया था. जब पठान से इसे लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ये आपके ऊपर है कि आप इस बयान को कैसे समझते हैं, यह आपकी मानसिकता पर निर्भर करता है.

पठान ने आगे कहा, “मैंने जो बोला है वो संविधान के दायरे में रह कर बोला है. जो लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वह कानून (CAA) के खिलाफ कर रहे हैं, जबकि बीजेपी हम लोगों को 130 करोड़ लोगों से अलग करने की कोशिश कर रही है.”

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