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बैंक मैनेजर ने मंगा लिया एटीएम कार्ड और ग्राहक के खाते से निकाल लिये 40 हजार

शाखा प्रबंधक और कर्मचारी ने शॉपिंग की और कपडे ख़रीदे

तिल्दा-नेवरा. ऐसे तो आए दिन खबर मिलती है कि फला व्यक्ति के खाते से ठगों ने रुपए निकाल लिए. अर्थात वे साइबर ठगी के शिकार हो गए हैं. लेकिन ठगी के शिकार वही लोग होते हैं जो लालच या मोबाइल पर आए मैसेज का जवाब देते हैं या अपना लिंक उस ठग को बताते हैं. लेकिन तिल्दा में एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें बैंक प्रबंधन ने ही खाताधारक के मर्जी के बिना एटीएम कार्ड जारी कर हजारो रूपये आहरण कर रुपयों को उड़ाते रहे. खाताधारक को जब इसकी जानकारी हुई तो उसने पुलिस में शिकायत की है.

तिल्दा निवासी मनहरण वैष्णव सेवानिवृत कर्मचारी है उनका बैंक खाता तिल्दा के इंडसइंड बैंक में है जिसका संचालन वो और उसका पुत्र केशव करते है. केशव ने शिकायत में कहा है कि 19 सितम्बर, 2018 को खाते से 40 हजार रुपये निकालने का मोबाइल पर मेसेज आया जिस पर केशव ने बैंक में पैसे निकलने की सूचना दी तो बैंक प्रबंधन ने अनभिज्ञता जताते टालमटोल करते रहा. जिस पर खाताधारक ने बैंक खाता के डिटेल निकलवाया जिसमे पैसे एटीएम से निकलने की पुष्टि हुई.

शाखा प्रबंधक और कर्मचारी ने शॉपिंग की और कपडे ख़रीदे :

बैंक खाते के डिटेल में खाते से 40000 रुपये निकालने, शॉपिंग करने, कॉफी हाउस में कॉफी पीने की पुष्टि हुई. बैंक मैनेजर सुनील देवांगन और बैंक कर्मचारी सुष्मिता त्रिपाठी सुनियोजित तरीके से पैसे निकालते रहे. जब खाताधारक ने खाते का डिटेल निकाला तो उसमे भी छेड़छाड़ की गई और 40000 के ट्रांसजेक्शन को गायब कर दिया. केशव का कहना है कि उसके पिता ने कभी एटीएम के लिए अप्लाई नहीं किया तो कैसे एटीएम जारी हो गया.

थाना प्रभारी बोले “जाँच जारी अगर लगेगा तो अपराध दर्ज करेंगे” पीड़ित ने 28 नवम्वर 2018 को तिल्दा थाना में शिकायत कर बैंक मैनेजर और उनके सहयोगियों पर रुपये निकालने, बिना सूचना के एटीएम जारी करने, बैंक डिटेल में छेड़छाड़ करने पर एफआईआर करने शिकायत किया. पुलिस शिकायत को लेकर कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है जांच डेढ़ सालो से चल रही और टीआई की माने तो अभी और चलेगी. अगर टीआई को लगेगा की अपराध हुआ है तो तब एफआईआर दर्ज होगा.

तिल्दा थाना प्रभारी शरद चंद्र का कहना है कि “वो आपस में समझौता करना चाहते है बैंक वालो और पीड़ित दोनों का बयान हो गया है. अगर लगेगा तो एफआईआर दर्ज कर देंगे.”

पीड़ित ने आरबीआई, एसपी, डीजीपी से की शिकायत :

पीड़ित केशव वैष्णव ने बैंक प्रबंधन की शिकायत आरबीआई और टीआई की शिकायत एसएसपी और डीजीपी से की है.

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