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8वीं की छात्रा का गैंगरैप, रिपोर्ट लिखाने गए परिजनों को पुलिस ने फटकारते हुए कहा- तुमने रेप करते देखा है

तीनों युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है

बलरामपुर. बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र में पुलिस की निष्क्रियता के कारण 8वीं की छात्रा गैंगरैप का शिकार हो गई. तीन युवक रात को उसे उठाकर ले गए. परिजन तत्काल सरपंच को लेकर बलरामपुर थाना गए. लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, उल्टा परिजनों को फटकारते हुए भगा दिया. सुबह छात्रा घर लौटी, तो पता चला कि तीनों युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है.

पीड़िता की मां कहना है कि पुलिस ने रात में तलाशने का प्रयास किया होता तो बेटी की लाज बच जाती। सरपंच का कहना है कि पुलिस ने थाने में उनके साथ बदसलूकी की। सामूहिक दुष्कर्म होने के बाद भी पुलिस मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय पीड़िता और उसकी मां से बार-बार यही कर रही थी कि तुमने रेप करते देखा है।

दूसरे दिन रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह के हस्तक्षेप के बाद पुलिस हरकत में आई और अपराध दर्ज किया मामले में एक आरोपी दहेजवार निवासी पिंटू ठाकुर पिता मोहन ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं दो आरोपी कुलदीप भुंइहर व एक अन्य अभी भी फरार है। तीनों आरोपी बलरामपुर थाना क्षेत्र के दहेजवार गांव के रहने वाले हैं। घटना 19 फरवरी की रात की है। आरोपियों के हवस का शिकार हुई बालिका कक्षा आठवीं की छात्रा है। बुधवार की शाम वह अपने एक सहेली के साथ टांगडमहरी स्थित शिव मंदिर गई थी। शिवरात्रि के अवसर पर वहां कई दिनों से प्रवचन चल रहा है। बालिका प्रवचन सुनने के बाद वापस लौट रही थी तभी आरोपियों ने सुनसान का फायदा उठाकर उसे अगवा कर लिया। बालिका के साथ उसकी सहेली को भी आरोपियों ने अगवा करने का प्रयास किया था, लेकिन वह आरोपियों के पकड़ते ही दांत से काटकर वहां से भाग गई। पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों पर धारा 363, 366, 376, 342, 506 पाक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है।

विधायक बोले, आरोपियों के एक सहयोगी के साथ थे एसपी

रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह ने कहा पुलिस मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की बजाय पीड़िता और उसकी मां से बार-बार यही सवाल कर रही थी कि तुमने रेप करते देखा है। बाद में उन्हें थाने से वापस दबाव बनाकर घर भेज दिया गया। परिजन बालिका को अस्पताल ले गए। सूचना पर एसपी आरोपियों के एक सहयोगी के साथ उसे देखने पहुंचे थे। परिजनों ने मुझे फोन कर बताया कि पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। मैंने एसपी और टीआई को फोन किया तब भी मामला दर्ज नहीं हुआ। बाद में मैंने डीजीपी को आठ बार फोन लगाया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था। एक आरोपी को ही गिरफ्तार किया गया है जबकि दो आरोपियों को भगा दिया गया है। अपने ही दल की सरकार में घुटन महसूस कर रहा हूं।

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