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रक्षाबंधन पर भाई के कलाई में बंधेगी सिर्फ स्वदेशी राखी, डाक विभाग करेगा राखियों को सैनेटाइज

राखी में 90 प्रतिशत चीजें भारत की वस्तु से बनी होती हैं। कुछ चीजें ही चाइना की होती है।

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देशभर में फैले कोरोना संक्रमण का प्रभाव इस पर्व पर भी देखने को मिलेगा। शहर के होलसेल बाजार में अभी से राखियां सजने लगी हैं। छोटे व्यापारियों ने अभी तक शहर में दुकान नहीं खोली है। संक्रमण को देखते हुए इस बार दुकानों में दूर बनाकर राखी बेचने की व्यवस्था की जाएगी। दुकानदारों का कहना है, राखी में 90 प्रतिशत चीजें भारत की वस्तु से बनी होती हैं। कुछ चीजें ही चाइना की होती है।

इस वर्ष संक्रमण और चीन से हुए विवाद के कारण बाजार में राखी पूरी तरह से स्वदेशी होगी। लोगों में संक्रमण का भय होने के कारण बाजार में राखी की मांग फिलहाल कम है। इन दिनों दूर-दराज में रह रहे भाई को राखी भेजने के लिए बहनें राखी खरीद रही हैं, ताकि सही समय पर पहुंचा सके। बाजार में नग-मोती, रुद्राक्ष, ब्रेसलेट व अन्य पारंपरिक राखियां आई हुई हैं। हाथ से डिजाइन की जाने वाली राखियों की कीमतों में थोड़ी वृद्धि इस बार हुई है।

छोटे व्यापारियों को नुकसान का भय

कोरोना संक्रमण में कोई भी व्यापार पहले की तरह नहीं चल रहा है। क्योंकि लोग बाहर की चीजें खरीदने से बच रहे हैं। ऐसे में चौक चौराहों में राखी का व्यापार करने वाले इस बार पहले की तरह नहीं दिखेंगे। मालवीय रोड में राखी के होलसेलर हाजी मोहम्मद का कहना है, कोराेना की वजह से राखी व्यापार 20 से 30 प्रतिशत प्रभावित हुआ है। समान्य दिनों में राखी के 20 दिन पहले राजधानी व अन्य जिले के छोटे व्यापारी सामान खरीद लेते थे। लेकिन अभी तक बहुत कम लोगों ने बेचने के लिए राखी खरीदी है।

उनका कहना है, छोटे व्यापारियों को नुकसान होेने का भय है। हाेली में कोरोना की वजह से कम लोग खरीदारी करने पहुंचे थे। ऐसी स्थिति राखी में ना हो इसलिए अभी तक दुकानदार खरीदारी करने नहीं आए हैं। इसके अलावा जो व्यापारी पिछले वर्ष की बची हुई राखी बेचेंगे, उन्हाेंने सीमित संख्या में चुनिंदा नई राखी खरीदी है। इस वर्ष ट्रेन से अन्य जिलों में राखी नहीं जाने के कारण व्यापार प्रभावित हुआ है। बस व विशेष वाहन से राखी व्यापारियों तक पहुंचाए जा रहे हैं।

होममेड राखी बनाने बिक रहे मोती और धागे

भाई काे संक्रमण से बचाने लोगों ने होममेड राखी बनाना भी शुरू कर दिया है। कोराेना काल में यह चलन में है। गोलचौक स्थित एक फैंसी दुकान संचालक रवि मल्होत्रा का कहना है, कई महिला समूह व युवितयां इस वर्ष घर में घर में आकर्षक राखी बना रही हैं। राखी में उपयोग आने वाली मोती, अलग-अलग रंगों के धागे, ऊं और स्वास्तिक के स्टीकर लोग खरीद रहे हैं। मांग को देखते हुए राखी के साथ-साथ इन चीजों को भी विशेष रूप में लाया गया है। एक अच्छी होममेड राखी 50 रुपए में तैयार हो जाती है। इसके लिए अधिकतर लोग ब्रेसलेटनुमा मोती, डोरेमॉन, एंग्रीबर्ड आदि के स्टीकर की मांग कर रहे हैं। लोगों को कहना है, होममेड राखी से संक्रमण से बचा जा सकता है। साथ ही इसे अपने पसंद से बनाया जा सकता है।

मुंबई व अहमदाबाद से पहुंच रही राखियां

शहर में इस वर्ष राखी मुंबई, अहमदाबाद व राजस्थान समेत अन्य राज्यों से पहुंच रही है। शहर में आने वाले दिनों में राखी के दुकान गुलजार हो जाएंगे। चिकनी मंदिर स्थित एक दुकान के संचालक श्याम कश्यप का कहना है, कोराेना के कारण कीमतों में विशेष फर्क नहीं पड़ा है। हर साल डिजाइनिंग राखियां महंगी होती है, इस साल कुछ राखियां लाइट व साउंड सिस्टम वाली हैं। इसकी कीमत 150 रूपए से शुरू है। इस वर्ष तस्वीरों वाली राखियां, ब्रेसलेट लुक, कार्टून कैटेगेरी व नग-मोती व रूद्राक्ष राखी आई हुई है। इसके अलावा ब्रेसलेट राखी की हर साल अधिक मांग होती है, जो कई वैरायटी में उपलब्ध है। बच्चों के लिए इस साल भी छोटा भीम, मोटू, पतलू, डोरीमोन सहित कार्टून की राखियां आई हैं, जिसकी कीमत 10 रुपए से लेकर 50 रुपए तक है।

स्टोन व रुद्राक्ष से बनी राखी

इस साल भी हैंडमेड राखियां लाेगों को आकर्षित करेगी। बाजार में स्टोन, रुद्राक्ष की हैंडमेड राखियां आई हैं। इसकी कीमत 100 रुपए से 500 रुपए तक है। लंबे समय तक राखी बांधे रखने वालों के लिए डायमंड राखियां आई हुई हैं, जिनका रंग सालभर नहीं निकलता है। इस राखी की कीमत 200 से शुरू है। इसके अलावा राखी को आकर्षक ढंग से थाली में सजाने के लिए पूजा की थाल में दीपक, मंगल कलश बने हुए हैं, जो बाजार में 150 रुपए से लेकर एक हजार रुपए तक उपलब्ध हैं।

भाभी के लिए लुंबा-फूलों की राखी

भाई की राखी के साथ ही भाभियों के लिए लुंबा राखी और फूलों वाली राखी बाजार में उपलब्ध है। इसे लोग ट्रेंड के अनुसार खरीदना पसंद करते हैं। दुकानदार ने बताया, भाभी को के लिए कंगन के साथ और बिना कंगन की लुंबा राखी में कई वैरायटी आई हुई है। इसमें मोती व स्टोन के डिजाइन भी किए गए हैं, जिसकी कीमत 100 रुपये से शुरू है।

बांटते समय करें सेनेटाइज

कोरोना संक्रमण को देखते हुए पोस्ट को वितरण के समय सेनेटाइज कर दिया जाएगा। राखी वितरण को लेकर किसी भी तरह का आदेश अभी तक नहीं मिला है। पहले केकी तरह लोगों के पोस्ट वितरित किए जा रहे हैं। लोग राखी घरों से पैक कराकर लाएंगे। इसे बांटते समय विशेष ध्यान रखा जाएगा, जिससे संक्रमण ना फैलें।

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