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ओडिशा के आलोक मोहंती ने 3.5 लाख में बनवाया सोने का मास्क, 22 दिन में बनकर हुआ तैयार

इसके अलावा सूरत में भी कुछ लोगों ने सोने और हीरे जड़े मास्क खरीदे थे, जो शहर की ही एक ज्वेलरी दुकान में बेचे जा रहे हैं।

कटक: ओडिशा के कटक में रहने वाले आलोक मोहंती ने खुद को कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाने के लिए सोने का मास्क बनवाया है। आलोक मोहंती का कहना है कि उन्हें बचपन से ही सोना पहनने का बहुत शौक है। आलोक फर्नीचर का व्यापार करते हैं। बता दें उनसे पहले पुणे के शंकर कुराडे ने भी अपने लिए सोने का मास्क बनवाया था। इसके अलावा सूरत में भी कुछ लोगों ने सोने और हीरे जड़े मास्क खरीदे थे, जो शहर की ही एक ज्वेलरी दुकान में बेचे जा रहे हैं।

‘सोना पहनना मेरी कमजोरी है’

आलोक मोहंती का कहना है कि उन्होंने अपने सुनार से सोने का मास्क बनवाने की बात की थी और उन्हें इसका डिजाइन भी समझा दिया था। मोहंती सोने के मास्क के अलावा भी काफी सोना पहनते हैं। वह सोने की चेन, ब्रेसलेट, अंगूठी, घड़ी पहनते हैं। इसके अलावा उन्होंने अपनी टोपी में भी सोना जड़वाया हुआ है। एक न्यूज वेबसाइट से बातचीत में मोहंती ने कहा, ‘मैं बीते 30-40 साल से सोना पहन रहा हूं। सोना पहनना मेरी कमजोरी है। जब मैंने लोगों को सोने का मास्क पहने देखा, तो तुरंत अपने सुनार से एक मेरे लिए भी डिजाइन करने को कहा।’

22 में बनकर तैयार हुआ मास्क

इसके बाद सुनार ने एन-95 मास्क में सोने की कारीगरी की। मोहंती कहते हैं, ‘इस सोने से जड़े मास्क को तैयार होने में 22 दिन का समय लगा है, इसकी कीमत करीब 3.5 लाख रुपये है। इसमें 90-100 ग्राम तक सोना है।’ आलोक मोहंती को सामाजिक कार्य करने और गली में घूमने वाले पशुओं को खाना खिलाने के लिए भी जाना जाता है।

भारत तीसरा सबसे प्रभावित देश

हालांकि सामाजिक कार्यकर्ता संदीप दास मोहपात्रा कहते हैं, ‘जब लोग कोविड-19 से मर रहे हैं, ऐसे समय में इस तरह का तमाशा करना ठीक नहीं है। अगर इस महान इंसान ने इन पैसों का इस्तेमाल गरीबों की मदद के लिए किया होता, तो मानव जाति का उद्देश्य पूरा होता।’ बता दें भारत में कोरोना वायरस के कुल मामले 10 लाख का आंकड़ा पार कर चुके हैं। भारत इस वक्त वायरस से दुनिया का तीसरा सबसे प्रभावित देश बना हुआ है।

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