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BIG NEWS : ज्यादती पर उतरी… निगम से तैनात महिला कर्मी… कह रही

हम चाहे जों करें… सरकार से है अनुमति

रायपुर। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार ने माॅस्क पहनने की अनिवार्यता के साथ ही ना पहनने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई का अभियान चलाए जाने निर्देशित किया है। इसके लिए रायपुर नगर निगम ने अपनी महिला कर्मियों को शहर के हर हिस्से में तैनात किया हुआ है। इन्हें स्पष्ट चेताया गया है कि जो माॅस्क पहने हुए ना दिखे, उनका 500 रुपए का चालान काटना है, ताकि अगली बार सतर्क रहें। लेकिन राजधानी में इस अभियान का उल्टा असर नजर आने लगा है। चालान काटने और समझाने की बजाए महिला कर्मियों ने ज्यादती शुरु कर दी है। जिस तरह से हरकत हो रही है, उससे ऐसा लगने लगा कि उन्हें वसूली का टारगेट पूरा करने के लिए तैनात किया गया है।

यह कोई हवा-हवाई चर्चा नहीं, बल्कि भाठागांव अंडरब्रिज के पास हुई वारदात की सच्चाई है, जिसे कैमरे में कैद किया गया है। इस इलाके में तैनात महिला कर्मियों की टोली ने एक बुजुर्ग महिला और उसकी बेटी के साथ जिस तरह की ज्यादती की है, बेहद शर्मसार करने वाली घटना है।

यह है पूरा घटनाक्रम

भाठागांव अंडरब्रिज से एक युवती अपनी मां को लेकर दोपहिया से निकल रही थी, तभी तैनात नगर निगम की महिला कर्मियों जिनकी संख्या आधा दर्जन से ज्यादा थी, ने उन्हें रोक लिया। युवती और उसकी मां ने चेहरे पर स्कार्फ बांध रखा था, लिहाजा उन्हें रोकने के पीछे कोई वजह नहीं हो सकती। फिर भी उन्हें रोका गया और चालान के 500 रुपए की मांग की गई। जब पूछा गया कि किस बात का जुर्माना, तो उन्हें कहा गया कि आपने माॅस्क नहीं पहना हुआ है। इस पर युवती ने कहा कि उन्होंने माॅस्क की जगह स्कार्फ लगाया हुआ है, इस पर महिला कर्मियों ने मानने से इंकार कर दिया और बहस छिड़ गई। मामला यहीं समाप्त नहीं होता।
इसके बाद तैनात निगम की महिला कर्मियों ने युवती का स्कार्फ खींचकर उतार दिया और महिला की बुजुर्ग ने जब विरोध किया तो उनका गला पकड़कर पीछे धक्का दे दिया। वहीं युवती से महिला कर्मियों ने मारपीट शुरू कर दी। जिसे देखकर मौके पर लोगों की भीड़ भी इकट्ठा हो गई। इस बीच मौके पर पहुंची 112 की टीम ने मामला शांत कराया।

इधर महिला कर्मियों की उदंडता

मौके पर पहुंची मीडिया ने जब महिला कर्मियों से पूछा कि नियम विरूद्ध वसूली क्यों कर रहीं हैं, तो इस पर उन महिलाओं ने जवाब दिया कि ’’हम चाहें जो करें, हमे सरकार से अनुमति मिली है’’। जबकि वास्तविकता यह है कि इनकी तैनाती केवल ऐसे लोगों के खिलाफ चालानी कार्रवाई के लिए की गई है, जो लोग जानबूझकर माॅस्क नहीं लगा रहे हैं, जिनसे पूरे शहर को खतरा है।

क्या यह टारगेट पूरा करने अभियान

महिला कर्मियों की इस ज्यादती ने सवाल खड़ा कर दिया है कि कहीं माॅस्क के खिलाफ चालानी अभियान की आड़ में वसूली का टारगेट तो पूरा नहीं कराया जा रहा है। अब इस सवाल का जवाब निगम प्रशासन को देना पड़ेगा। साथ ही इस बात की समझाइश भी महिला कर्मियों को देनी होगी कि ऐसी ज्यादती ना करें।

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