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प्रदेश में कोरोना के बढ़ते कहर के बीच… परीक्षा कराने जुटे अफसर…

अपने हिसाब से दें परीक्षा

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) के अफसर कोरोना के कहर के बीच परीक्षा कराने के लिए अड़े हुए हैं। पिछले साल कोरोना के मामले बेहद कम थे तब परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया था लेकिन इस बार सर्वाधिक मामले आने के बाद भी परीक्षा कराने की तैयारी है। ये तब स्थिति है जब ज्यादातर स्कूलों के व्याख्याता, शिक्षक आदि कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।

वहीं कुछ शिक्षकों की ड्यूटी भी कोरोना पाजिटिव के कांट्रेक्ट ट्रेसिंग में लगी हुई है। जानकारों की मानें तो ऐसे हालात में कोरोना का संक्रमण और बढ़ सकता है। माशिमं के अफसर चाहें तो फिलहाल 10वीं की परीक्षा को टाल भी सकते हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि कोरोना संक्रमण, लाकडाउन, कंटेनमेंट जोन के कारण अनुपस्थित परीक्षार्थियों को विशेष परीक्षा में बैठने की अनुमति होगी।

जानकारों की मानें ऐसे में जो मेधावी छात्र हैं यदि वे कोरोना संक्रमित हो गए तो उनको दिक्कत हो सकती है। बता दें कि 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं 15 अप्रैल से एक मई तक तथा 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं तीन मई से 24 मई तक ऑफलाइन मोड में आयोजित होंगी।

अपने हिसाब से दें परीक्षा

मामले में माशिमं के सचिव प्रोफेसर वीके गोयल का कहना है कि कोरोना को ध्यान में रखते हुए बोर्ड द्वारा छात्रहित में लिए गए निर्णय के अनुसार छात्रों के प्रवेश पत्र तथा परीक्षा केंद्रों के अधिकारियों-कर्मचारियों के ड्यूटी आदेश के आधार पर परीक्षा केंद्र तक आने-जाने की अनुमति रहेगी। बोर्ड ने यह निर्णय लिया है कि जो परीक्षार्थी कोरोना संक्रमण, लाकडाउन, कंटेनमेंट जोन आदि के कारण किसी विषय या सभी विषयों की परीक्षा में अनुपस्थित रहते हैं, तो उनकी अंकसूची में अनुपस्थित न रहकर सी लिखा जाएगा।

ऐसे विद्यार्थी को उन विषय में अंक नहीं दिए जाएंगे लेकिन उसे पास श्रेणी में उत्तीर्ण माना जाएगा। ऐसे विद्यार्थी जिनकी अंकसूची में सी अंकित है। उनके लिए पूरक परीक्षा के साथ विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी और विशेष परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर उनकी अंकसूची में सी के स्थान पर प्राप्तांक अंकित कर पुनरीक्षित अंकसूची जारी की जाएगी और उन्हें श्रेणी भी दी जाएगी।

आनलाइन पढ़ाई पर आफलाइन परीक्षा उचित नहीं

10वीं-12वीं के बच्चों को भी जनरल प्रमोशन देना चाहिए। बच्चों के जीवन से बड़ी कोई चीज नहीं है। फिलहाल कोरोना का कहर बहुत अधिक है। पिछली बार भी कुछ बच्चों को कई विषयों में प्रमोट किया गया था। माशिमं के अफसरों को इस पर विचार करना चाहिए।

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