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BIG NEWS : 26 जनवरी को लाल किले में उग्र प्रदर्शन, सरकार को बदनाम करने की साजिश

हुई थी विदेशी फंडिंग

किसान आंदोलन के दौरान 26 जनवरी, 2020 को प्रदर्शनकारियों ने राजधानी दिल्ली में उत्पात मचाया था। किसान आंदोलन के नाम पर लाल किले पर धावा बोल दिया गया था। अब दिल्ली पुलिस ने मामले में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है। 30 हजार पन्नों की चार्जशीट में लिखा गया है कि प्रदर्शनकारियों ने लाल किले पर कब्जे की साजिश रची थी। इसके लिए विदेशों से पैसा आया था। प्रदर्शनकारी चाहते थे कि लाल किले को किसान आंदोलन का ठिकाना बनाया जाए, ताकि भारत और मौजूदा सरकार की दुनिया में बदनामी हो। चार्जशीट के मुताबिक, यह पूरी साजिश दिसंबर 2020 में रची गई थी। इसके बाद ही किसान आंदोलन के कारण पंजाब और हरियाणा में भारी मात्रा में ट्रैक्टर खरीदे गए। इन्हीं टैक्टरों को ट्रैक्टर मार्च के नाम पर दिल्ली लाया गया था और यहां भीड़ ने भारी हिंसा फैलाई थी।

बता दें, मामले में पुलिस ने इकबाल सिंह समेत कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन लक्खा सिधाना समेत 6 आरोपी अब भी फरार है। कहा जा रहा है कि इन आरोपियों को पंजाब में शरण मिली है। इसी मामले में पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।दिल्ली पुलिस ने दीप सिद्धू का सुराग देने पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था।

जानबूझ कर गणतंत्र दिवस का दिन चुना
3,232 पन्नों की चार्जशीट में दिल्ली पुलिस ने बताया है कि प्रदर्शनकारियों ने पहले से बनाई गई साजिश को कैसे अंजाम दिया था। पुलिस का कहना है कि लाल किले में घुसी भीड़ का मकसद यह था कि किले को अपने मोर्चे और धरने का नया ठिकाना बनाकर वहीं से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाए। लाल किले पर निशान साहिब और किसानों का झंडा फहराने के लिए आरोपियों ने जानबूझकर गणतंत्र दिवस का दिन चुना ताकि राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरकार को शर्मिंदगी झेलनी पड़े।

झंडा लगाने वालों को पैसों का लालच देने का भी जिक्र
वहीं हरियाणा में नवंबर 2020 में ट्रैक्टरों की खरीद 31.81% और दिसंबर में 50.32% बढ़ गई थी। जनवरी 2021 में इसमें 48% इजाफा हुआ था। पुलिस का कहना है कि हिंसा की साजिश को अंजाम देने के लिए पैसे का भी इस्तेमाल हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक आरोपी इकबाल सिंह से पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। इकबाल सिंह ने बताया कि सिख फॉर जस्टिस ग्रुप ने उसे लाल किले पर निशान साहिब का झंडा लगाने में कामयाब होने पर कैश देने का वादा किया था।

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