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आदमखोर बाघ को देखते ही गोली मारने का आदेश हुआ जारी, 7 मवेशी और 4 इंसानों का कर डाला है शिकार

चेन्नई : नीलगिरी जिले में बाघ टी23 को पकड़ने के लिए 6 दिनों के गहन अभियान के बाद अब मुख्य वन्यजीव वार्डन शेखर कुमार नीरज द्वारा धारा 11 (1) (A) के तहत जारी शिकार आदेश का कोई परिणाम नहीं निकला है. एक नर बाघ जो करीब 10 साल का है. उसने गुडलुर और मुदुमलाई टाइगर रिजर्व के आसपास के गांवों में 12 से अधिक मवेशियों को मार डाला है. उसी इलाके में अब तक 4 लोगों को भी मार डाला है.

केरल की एक अति विशिष्ट टीम, जिसे 7 बाघों को पकड़ने के अनुभव है. वह और एसटीएफ की एक टीम पिछले एक सप्ताह से वन विभाग के अधिकारियों को पकड़ने के अभियान में सहायता कर रही है, लेकिन टाइगर टी23 अब तक उसकी पकड़ से दूर है. हालांकि, 75 से अधिक लोगों की 5 टीमें टाइगर टी23 को पकड़ने के लिए मैदान पर काम कर रही थीं, लेकिन इसने आज मसीनागुडी क्षेत्र में चौथे व्यक्ति को मार डाला और शव को आंतरिक वन क्षेत्र में खींच लिया.

ऐसा माना जा रहा है कि इस बाघ ने एक में 4 लोगों की हत्या की हत्या की. गांवों के पास बाघ के आने के बाद से लोगों ने अपना विरोध तेज कर दिया. शुक्रवार को बाघ द्वारा चौथे व्यक्ति को मारने और आंशिक रूप से पहली बार शिकार करने के बाद शिकार आदेश जारी किया गया. मसीनागुडी इलाके में बाघ द्वारा चौथे व्यक्ति मंगला भसावन को मारने के बाद, लोगों ने सड़क को अवरुद्ध करके 3 घंटे से अधिक समय तक विरोध प्रदर्शन किया. वन विभाग से बाघ को गोली मारने और उनकी जान बचाने की मांग की.

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