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MP पुलिस के शिकंजे में अंतरराज्यीय ब्लैकमेलर गिरोहः बिजनेस मैन और डॉक्टर को बनाते थे निशाना, यूपी से चार गिरफ्तार, पढ़िए पूरी खबर

 

शिवपुरी। शिवपुरी पुलिस ने अंतरराज्यीय ब्लैकमेलर गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। यह गिरोह देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर अधिकारी, बिजनेस मैन और डॉक्टर जैसे लोगों को अपना निशाना बनाता था। अब इस गिरोह के चार सदस्यों को शिवपुरी पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली। सभी आरोपियों को शिवपुरी पुलिस ने उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। गिरोह में कई और सदस्यों के होने का अंदेशा पुलिस जता रही है। इन लोगों ने देश के कई राज्यों में ब्लैकमेलिंग कर करोड़ों रुपए का साम्राज्य़ स्थापित किया हुआ है।

 

जानिए क्या है पूरा मामला

सितंबर महीने में जिले के सिद्धी विनायक अस्पताल को इस ब्लेकमेलर गिरोह ने अपना निशाना बनाया था। गिरोह के दो सदस्य दम्पति बनकर अस्पताल में पहुंचे थे। दोनों ने अस्पताल के नर्सिंग स्टॉफ से भ्रूण गिराने की बात की थी। भ्रूण गिराने की प्रक्रिया और पैसों के लेनदेन की बात की। बस भ्रूण गिराने को लेकर जो बातचीत का वीडियो गिरोह के सदस्यों ने रिकॉर्ड कर लिया था। बंनाये गए इस वीडियो को वायरल करने कर नाम पर अस्पताल प्रबंधन पर लाखों रुपए देने दवाव बनाने लगे थे। अस्पताल प्रबंधन ने रुपए देने से इंकार दिया था। इसके बाद गिरोह ने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।

 

वीडियो वायरल होने के बाद सिद्धि विनायक अस्पताल का शिवपुरी में जमकर विरोध प्रदर्शन भी हुआ था। इसे लेकर रैली सहित धरना- प्रदर्शन भी लोगों ने किए थे।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने अस्पताल जिसके सिटी कोतवाली क्षेत्र में सिद्धिविनायक अस्पताल के आरएमओ डॉ. रहीश खांन और उनकी पत्नी नर्स पूनम खान सहित सुनीता नर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर प्रशासन ने आगामी आदेश तक इस मामले में सिद्धिविनायक अस्पताल को बंद कर दिया था। वहीं अस्पताल की नर्स सुनीता को पुलिस ने गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया है।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा

अस्पताल के स्टिंग ऑपरेशन के पीछे की मंशा को जानने के लिए पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल से फिर से जांच शुरू की। SP को सूचना मिली कि ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह के दो सदस्य मुरादाबाद सहित नोएडा में घटना को अंजाम देने की फिराक में है। इसके बाद शिवपुरी से एक्सपर्ट पुलिस टीम को मुरादाबाद और नोएडा के लिए रवाना किया। जहां स्टिंग करने बाले दंपत्ति सौरभ गांवा और साक्षी सक्सैना को नोएडा के गोर सिटी के पास से गिरफ्तार करने में कामयाब हुई। ब्लैकमेलर साक्षी सक्सैना सौरभ गांवा किसी पार्टी से मांगे गए पैसों की बसूली करने वहां पहुँचे थे। इसके बाद पुलिस ने दो अन्य महिला-पुरूषों को साक्षी सक्सैना, सौरभ गांवा की निशानदेही पर गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया। गाजियाबाद से गिरफ्तार हुए पूजा त्यागी और मोहित भाटी यह वहीं दोनो हैं जिन्होंने दंपति बनकर हॉस्पिटल का स्ट्रिंग ऑपरेशन किया था। कुल मिलाकर इन तीन दिनों चार ब्लैकमेलरों को पकड़ने में शिवपुरी पुलिस सफलता हासिल की।

भोपाल में बैठकर शिवपुरी में दिया ब्लैकमेलिंग की घटना को अंजाम

सूत्रों के अनुसार भोपाल में बैठे ब्लेकमेलर ने शिवपुरी के कुछ तथाकथित लोगों से सम्पर्क बनाया था। इसके बाद शिवपुरी के लोगों के साथ मिलकर बनाई गई ब्लैक मेलिंग की साजिश, इसी साजिश के तहत दिल्ली एनसीआर से इस्ट्रिंगर को बुलाया था। स्ट्रिंग करवाया गया। दिल्ली एनसीआर के ब्लैकमेलर गिरोह ने शिवपुरी में दो से तीन लोगों को अपना शिकार बनाया था, जिसकी जांच अभी शिवपुरी पुलिस कर रही है।

देहरादून अनुज अग्रवाल गिरोह का मुख्य सरगना

माने तो ये पूरा गैंग अनुज अग्रवाल नाम का ब्लैकमेलर चलाता है। अनुज अग्रवाल मूलतः देहरादून का रहने वाला है। ज्यादातर अनुज अग्रवाल देश के विभिन्न हिस्सों में अब तक कई बड़ी ब्लैकमेलिंग की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। अनुज अग्रवाल पर देश के कई शहरों में मामले दर्ज हैं। देहरादून दहित ओडिशा में यह आरोपी ब्लैकमेलिंग के मामले में जेल में भी रह चुका है। सूत्रों के मुताबिक अनुज अग्रवाल ने अपना ब्लैकमेलिंग का जाल कई प्रदेशों में फैला रखा है। मध्यप्रदेश में भी इसका एक हेड है, जो भोपाल, उज्जैन से मध्यप्रदेश के शहरों में गतिविधियों को अंजाम देने का काम करता है।

जांच में ब्लैकमेलिंग गिरोह से जुड़ने का चला पता

पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल ने कहा कि अस्पताल के वायरल में गर्भपात की बात होती दिख रही थी। वीडियो के आधार अस्पताल में तैनात तीन कर्मचारियों पर पहले मामला दर्ज किया जा चुका है। इसके बाद कुछ साक्ष्य सामने आए थे, जिसमें कुछ लोगों द्वारा अस्पताल प्रबंधन को ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई थी। मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। वीडियो के आधार पर जांच के दौरान जानकारी मिली कि इनके तार ब्लैकमेलर गिरोह से जुड़े हुए हैं। इसके बाद कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया।

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