पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष तौकीर जिया ने किया बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: पाकिस्तानी पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तानी क्रिकेट कमेंटेटर शोएब अख्तर को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के पूर्व अध्यक्ष तौकीर जिया ने बड़ा बयान दिया है. तौकीर जिया ने ने बताया कि किस तरह शोएब अख्तर का करियर खत्म हो गया होता अगर जगमोहन डालमिया नहीं होते.

साल 1997 में डेब्यू करने वाले शोएब का करियर 1999 में भारत दौरे के दौरान अपने चरम पर पहुंचा जब उन्होनें राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर को कलकत्ता टेस्ट में लगातार गेंदों पर आउट किया. फिर क्या था, शोएब पाकिस्तान में एकाएक हीरो बन गए और भारत में भी उनकी लोकप्रियता दिनों दिन बढ़ने लगी.

शोएब की कामयाबी की मुख्य वजह थी उनकी गेंद में गति जिसकी वजह से शोएब अपने ज़माने के बड़े से बड़े बल्लेबाज़ को चकमा देते थे और उनकी गति के पीछे था उनका एक्शन. यही एक्शन आगे चलकर उनके लिए मुसीबत का सबसे बड़ा सबब बना, आइए जानते हैं कैसे.

दरअसल भारत दौरे के दौरान ही उनके एक्शन पर उंगलियां उठने लगी थीं पर मामले ने 2000-01 में ही तूल पकड़ा. जब ये मामला तूल पकड़ रहा था, उस वक्त जगमोहन डालमिया आईसीसी के अध्यक्ष थे और तौकीर जिया की मानें तो डालमिया ने शोएब अख्तर पर प्रतिबंध नहीं लगने दिया.

पाकिस्तान का साथ देना ज्यादा मुनासिब

जबकि डालमिया जानते थे कि शोएब के एक्शन में कोई गड़बड़ जरूर है पर फिर भी उन्होनें पाकिस्तान का साथ देना ज्यादा मुनासिब समझा. जिया ने आगे बताया कि कैसे आईसीसी के दबाव के बावजूद डालमिया ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की एक न चलने दी और शोएब को बाल बाल बचा लिया.

तौकीर जिया ने कहा, “जगमोहन आईसीसी के अध्यक्ष थे और प्रभावशाली थे. उन्होंने शोएब अख्तर के गेंदबाजी एक्शन के मामले में हमारा बहुत समर्थन किया था. जबकि, डालमिया से आईसीसी के सदस्यों ने जोर देकर कहा था कि अख्तर का गेंदबाजी एक्शन सही नहीं है.”

जिया ने आगे बताया, “आईसीसी के सदस्यों द्वारा जोर देने के बावजूद मेरे और डालमिया द्वारा कदम उठाये जाने के बाद आईसीसी ने माना कि अख्तर के गेंदबाजी वाले हाथ में जन्म से ही मेडिकल खराबी है. इससे उनके हाइपर एल्बो को विस्तार मिला था और गेंदबाजी की इजाजत भी मिली थी”.

टेस्ट क्रिकेट में शोएब ने 178 विकेट लिए हैं. वहीं वनडे में शोएब के नाम 247 विकेट हैं जबकि टी-20 में शोएब ने 15 मैचों में 19 विकेट लिए हैं. अख्तर पिछले कुछ दिनों से काफी चर्चाओं में हैं. कुछ ही दिन पहले उन्होनें भारत और पाकिस्तान के बीच एक चैरिटी मैच कराने की पेशकश की थी.

उन्होनें कोरोना वायरस से लड़ने के लिए भारत से मदद भी मांगी थी. लेकिन उनकी पेशकश को भारत के महान क्रिकेटरों सुनील गावस्कर और कपिल देव ने खारिज कर दिया क्योंकि उन दोनों का मानना है कि ऐसे समय में जब सारी दुनिया घर पर बैठी है तो खिलाड़ियों को भी घर पर ही बैठना चाहिए, न कि क्रिकेट खेलना चाहिए.